शब्द सांचा, पींड काचा। राजगुरु का बचन जुग जुग साचा। अनुष्ठान के दौरान दिनचर्या नियमित रखें और आलस्य से बचें। साधक, अनुष्ठान, जप के बाद भी नियमित मंत्र जप करते रहें। तेल, सुगन्ध, साबुन, पाउडर आदि का उपयोग न करें। तीर पतर लियो हाथ, चौसठ जोगनिया खेले पास। मंत्र जप https://penny219kud0.popup-blog.com/profile